Mere Sabd
poem.sher and other interesting thing written by me
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Friday, August 5, 2011
रु ब रु आप मेरे रहे बा खुदा,
यूँ ही देखा करू उम्र भर आप को,
Saturday, July 30, 2011
ज़िन्दगी क्या है ?.....
१- फूल की तरह हसीन आती है मगर हकीकत में कांटे की तरह दुःख देती है.
२-बचपन की तरह चंचल लगती है मगर हकीकत में बुढ़ापे की तरह उदास है.
३- चाँद की तरह सुलगती है मगर हकीकत में अंधेरो की तरह स्याह है.
४- एक कहकहा है मगर हकीकत में आंसू है.
Tuesday, July 26, 2011
""पूछे भी तो क्या ख्वाब की ताबीर किसी से,
हमने तो कोई ख्वाब भी पूरा नहीं देखा.""
"""न हँसते मुस्कराते है न खुल कर बात करते है,
हमारी जान जाती है यूँ उनके पेश आने से ""
Monday, July 25, 2011
मेरे मोहब्बत की जुबा अल्फाज़ की मोहताज़ नहीं,
मैंने सब सुन लिया उसने कहा कुछ भी नहीं.......
इस मोहब्बत का नतीजा ब खुदा कुछ भी नहीं,
ऐसी बीमारी है यह जिसकी दवा कुछ भी नहीं ....
Sunday, July 3, 2011
वो राहे भी कितनी अजीब है,
जो छोड़ गयी है किसी के निसा
मेरे मासूम दिल पर,
हम सोचते रहते है की,
यह राह वही तो नहीं जिस पर,
हम कभी मिले थे,
या जिन्हें हम देखते थे ,
अपने उनींदी आँखों से,
सपनो में ................................
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